उगनपुर मरौरी गांव में विकास कार्य ठप, जर्जर सड़कों और जलभराव से ग्रामीण परेशान

संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA 

बीसलपुर (पीलीभीत)। तहसील बीसलपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत उगनपुर मरौरी, जहां के वर्तमान ग्राम प्रधान पिंटू उर्फ़ प्रवीण कुमार हैं, जहाँ मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो है। गांव में जगह-जगह जर्जर सड़कें होने के साथ, जलभराव, टूटी नालियां, बंद लाइटें और श्मशान भूमि की अत्यंत ही दयनीय दुर्दशा है जो ग्रामीणों का मुख्य रूप से परेशानी का कारण बना हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार झंकार के घर से पंचायत घर के समपीप तालाब तक लगभग 500 मीटर की सड़क पूरी तरह से बारिश के समय जलमग्न हो जाती है, जहां घुटनों से अधिक जलभराव हो जाता है जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित होने के साथ ग्रामीणों को विषम समस्यायों से जूझना पड़ता है। वहीं इसके अतिरिक्त देखो तो ओमकुमार के घर से नीचे नद्दी तक 400 मीटर क्षेत्र में भी ऐसी ही स्तिथि बनी हुई है, जिससे लोगों को भारी समस्याओं का शामना करना पड़ रहा है।

गांव में वर्षों से नाले का निर्माण अधूरा पड़ा होने के साथ कई स्थानों पर नालियां बीच सड़क से होकर गुजरती हैं,जो दुर्घटनाओं के साथ गंभीर बीमारियों का भी मुख्य रूप से कारण बनती हैं लेकिन उसके वावजूद भी ग्राम प्रधान द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

इन सभी समस्याओं के चलते लालाराम के घर से प्रेमपाल की चारा मशीन तक लगभग 100 मीटर की सड़क पूरी तरह खराब पड़ी हुई है। बहीं सर्वेश के घर समीप स्थित नाला दो वर्षों से टूटा पड़ा होने के साथ गंभीर बीमारिओं को दावत दे रहा है, जिससे आए दिन वाहन चालकों को असुविधाओं की मार झेलते हुए बड़ी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है

इसी के साथ गांव में पहले जो सड़कें बनी थीं, वे अब जर्जर अवस्था में हैं। वहीं श्मशान भूमि की स्थिति भी अत्यंत ही दयनीय अवस्था में हैं — जहाँ घास इत्यादि इतनी अधिक हो चुकी है कि ग्रामीणों को मृत व्यक्ति के शरीर का अंतिम संस्कार भी करते समय भयाभय स्तिथियों से गुजर कर अंतिम संस्कार करना पड़ता है

इसी के साथ इस शमशान भूमि की ऐसी स्तिथि कर के रखी है वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में कि कई ग्रामीणों ने शमशान भूमि पर ही कब्जा कर उपले आदि को रख कर अपने क्षेत्र को दर्शाते हुए लिपटिस आदि के बृक्षों को लगा दिया गया है ताकि उक्त स्थान पर कोई दूसरा ग्रामीण अपना कब्ज़ा न जमा सके।
इसी के साथ श्मशान की दीवार भी इसी क्रम के चलते ध्वस्त कर तोड़ दी गई जिसका आज भी निर्माण कराने की जिम्मेदारी को ग्राम प्रधान ने उचित नहीं समझा और न ही अन्य विभागीय लोगों ने।
इसी के साथ श्मशान भूमि की ओर जाने वाली लगभग 450 मीटर सड़क भी वर्षों से टूटी पड़ी होने के साथ दयनीय अवस्था में है, जिससे अंतिम संस्कार को ले जाने वाले ग्रामीणों के साथ अन्य सभी ग्रामीणों लिए भी भारी संकटों का शामना करना पड़ रहा है जिससे ग्रामीणों में प्रधान से लेकर सरकार के प्रति एक बड़ी नाराजगी को देखा जा रहा है।

गांव में हाल ही में लगाई गई स्ट्रीट लाइटें एक महीने के भीतर ही ख़राब हो गईं, और उन्हें आज तक दोबारा सही कराकर सुचारू रूप से चलाने की भी जिम्मेदारी को ग्राम प्रधान ने उचित नहीं समझा और न ही विभाग के लोगों ने।

ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बाद भी ग्राम प्रधान द्वारा कोई ठोस कदम न उठाकर लोगों को झूठा आश्वासन देने का कार्य किया जा रहा है जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर गांव में जल्द से जल्द विकास कार्यों को सुचारू रूप से पूर्ण कराने की मांग की है।

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