असम से आए किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन समारोह

संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA 

भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के मऊ स्थित राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में आज दिनांक 10 जुलाई 2025 को तीन दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया |

निदेशक डॉ संजय कुमार के मार्गदर्शन में चला यह कार्यक्रम असम कृषि विश्वविद्यालय, जोरहाट, असम द्वारा प्रायोजित था | इस कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ कल्यानराव ने किसानों को न्यूनतम बीज प्रमाणन मानकों के साथ बीज प्रमाणन का महत्व और प्रक्रियाएं बताईं |

वैज्ञानिक डॉ दीपांशु जायसवाल ने बीज की गुणवत्ता वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण तकनीकें पर चर्चा की | किसानों को वैज्ञानिक डॉ चन्नाकेशव सी ने चावल और आलू के बीज जनित रोगों और उनके प्रबंधन के बारे में बताया |

वैज्ञानिक डॉ सामराज जे एम ने भंडारित अनाज व बीजों के कीट और उनके प्रबंधन से जुड़े किसानों के शंकाओं का समाधान किया | वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नंदिता बनर्जी ने भारत में होने वाले चावल के रोगों से किसानों को अवगत कराया |

वैज्ञानिक पवित्रा वी ने किसान भागीदारी द्वारा गुणवत्ता बीज उत्पादन के बारे में किसानों को बताया | कार्यक्रम के समापन समारोह में किसानों से प्रशिक्षण के विषय में प्रतिक्रिया ली गई | कृषकों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए प्रमाण पत्र एवं शॉल प्रदान कर सम्मानित किया गया |

असम के किसानों ने भी अपने पारंपरिक गमुसा से संस्थान के वैज्ञानिकों को सम्मानित किया | प्रधान वैज्ञानिक डॉ अंजनी कुमार सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के किसानों का विकास उत्तर पूर्वी क्षेत्र के किसानों के विकास के बिना अधूरा है | उन्होंने प्रशिक्षु दल को प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान का चुनाव करने के लिए आभार प्रकट किया तथा गुणवत्ता बीज उत्पादन में किसान किस प्रकार अपना योगदान दे सकते हैं इसके लिए सुझाव दिए |

संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अंजनी कुमार सिंह ने वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ कल्यानराव तथा वैज्ञानिक डॉ पवित्रा वी के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समन्वयन किया | वैज्ञानिक डॉ पवित्रा वी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन देकर कार्यक्रम की समाप्ति हुई | संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारी व कर्मचारी गण कार्यक्रम में उपस्थित रहे |

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