गोपालगंज ।बिहार में लगे ऑर्केस्ट्रा के बैन के बाद ऑर्केस्ट्रा संचालकों ने तगड़ा विरोध जताया है.।
उनका कहना है कि इससे उनके भूखों मरने की नौबत आ जाएगी. किसी एक की गलती की सजा सभी को नहीं मिलनी चाहिए ।
गोपालगंज में ऑर्केस्ट्रा पर बैन लगाया गया.
महिला डांसरों ने एसपी से बैन हटाने की मांग की.
नियमों का पालन करने पर बैन हटाने की संभावना.
गोपालगंज. गोपालगंज जिले में पुलिस प्रशासन ने ऑर्केस्ट्रा पर बैन लगा दिया है. किसी भी तरह के शादी समारोह या अन्य कार्यक्रमों में ऑर्केस्ट्रा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.।
24 घंटे के अंदर महिला डांसरों को जिला छोड़ने का आदेश दिया गया है. पुलिस की ओर से आदेश जारी होने के अगले दिन दर्जनों ऑर्केस्ट्रा संचालक और महिला डांसर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और पुलिस प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई. उन्होंने एसपी से मुलाकात कर ऑर्केस्ट्रा पर लगी रोक को हटाने की मांग की.
आ जाएगी
भूखों मरने की नौबत
ऑर्केस्ट्रा संचालिका करिश्मा खान का कहना था कि मजबूरी में घर छोड़कर वे ऑर्केस्ट्रा में आई हैं.।
अगर रोक लगी तो उनके सामने भूखमरी की समस्या आ जाएगी. ऑर्केस्ट्रा संचालिका सिमरन मिश्रा ने कहा कि किसी एक की गलती की सजा सबको क्यों मिले. जिन्होंने गलती की है, सिर्फ उन पर रोक लगाई जाए.
वहीं संचालकों का कहना है कि ऑर्केस्ट्रा से हजारों लोगों का रोजगार जुड़ा है और प्रतिबंध के कारण उनका परिवार भूखमरी की कगार पर पहुंच जाएगा. प्रशासन से मांग की गई कि शर्तों का पालन करते हुए ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाए.
ऑर्केस्ट्रा में छापेमारी में हुए कई खुलासे
एसपी अवधेश दीक्षित ने ऑर्केस्ट्रा संचालन में गड़बड़ियों और कानून के उल्लंघन को लेकर ऑर्केस्ट्रा पर बैन लगाने जैसा सख्त कदम उठाया है. उन्होंने बताया कि हाल ही में की गई छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. कुछ ऑर्केस्ट्रा संचालकों द्वारा बंगाल समेत अन्य राज्यों से लाई गई नाबालिग लड़कियों से जबरन डांस करवाया जा रहा था,।
जो मानव तस्करी और शोषण का मामला है. ऐसी बहुत सी वजहों से ये सख्त एक्शन लिया गया…तब फिर से मिल सकती है अनुमति
एसपी ने साफ किया कि ऐसे कार्यक्रम कानून-व्यवस्था और मानव अधिकार दोनों के खि
लाफ हैं,।
इसलिए दोषी संचालकों पर तुरंत बैन लगाया गया है और उन्हें राज्य वापस लौटने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर सभी नियमों और शर्तों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया गया, तभी इस पर दोबारा सोचने की संभावना है.
