सह संपादक वैभव तिवारी
जनपद के कप्तानगंज नगर में कनोडिया इंटर कॉलेज के समीप शायर नूरुद्दीन नूर के रिहाईश पर एक शाम शायर हाफिज नासीरुद्दीन गोरखपुरी के नाम मुशायरा एवं कवि सम्मेलन बड़े पैमाने पर संपन्न हुआ जिसमें गोरखपुर’ पडरौना’ हटा’ लक्ष्मीगंज’ पकड़ियार’ आदि जगहों से बड़े-बड़े शायर व कवि गण शिरकत किये।
इस तरक्की के दौर में अर्शी/
तुम मुहब्बत की बात करते हो– अर्शी बस्तवी
एक शाम शायर ‘हाफिज नासिरुद्दीन गोरखपुरी के नाम ’
कहां से लाऊं अब मरहम। सुनाया तो वही शाकिर अली शाकिर ने- गुनाह करके भी कोई चैन हरगिज पा नहीं सकता/ बुराई करते रहने से मुसीबत जन्म लेती है। सुना कर समां बांध दिए डॉक्टर इम्तियाज समर- शोले आजमाना चाहते हैं/ तो हम दामन बचाना चाहते हैं। अर्शी बस्तवी बस्तवी ने क्या खूब सुनाया- इस तरक्की के दौर में अर्शी /तुम मोहब्बत की बात करते हो। वही मेजबान शायर नूरुद्दीन नूर ने-ये सोच के क्यों मेरा दिल घबराता है/ आज ख्यालों में न जाने कौन आया है। सुना कर दिल जीत लिए इस मुशायरा एवं कवि सम्मेलन की अध्यक्षता मौलाना कुद्सी बस्तवी ने किया मुख्य अतिथि वसीम मजहर और विशिष्ट अतिथि डीके पांडे की गरिमा मयी उपस्थिति रही और संचालन वकार वाहिद ने किया।
आखिर में मेजबानी कर रहे शायर नूरुद्दीन नूर ने सभी शायरों कवियों और श्रोताओं का शुक्रिया अदा कि
या और समापन की घोषणा की।
