रंजीत कुमार श्रीवास्तव सेवरही कुशीनगर 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA
सेवरही कुशीनगर थाना क्षेत्र तमकुही राज दहूगंज पांडेय मुन्नी पट्टी श्याम पट्टी में कुत्तों का आतंक घर से निकलना हो गया है मुश्किल आवारा और खूंखार कुत्तों के वजह से लोग दहशत में हैं।
बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं गार्जियन छोटे बच्चों को डंडा ले कर स्कूल पहुंचा ने को विवश हैं।
अनगिनत बकरी और मुर्गियों को मार डाले हैं कई बच्चों को काट चुके हैं लोगों में डर का महौल बना हुआ है। लोग घरों से अकेले निकलने में डर रहे हैं।
बारिश में कुत्तों का आतंक बढ़ता है, जिससे डॉग बाइट केस बढ़ते हैं. भारत में हर साल 20,000 लोग रैबीज़ से मरते हैं. सावधानी बरतें और काटने पर तुरंत इलाज कराएं.
कुत्ते के काटने पर तुरंत इलाज कराएं.
बारिश का मौसम में कुत्तों का आतंक बढ़ जाता है. ऐसा इसलिए होता है कि सड़कों पर रहने वाले कुत्तों को भी ठिकाने की कमी पड़ने लगती है. बारिश में उनके सूखे ठिकाने गीले हो जाते हैं,।
खाने की तलाश बढ़ जाती है और तेज आवाजें जैसे बिजली या बारिश की गड़गड़ाहट उन्हें डरा देती हैं. यही कारण है कि अक्सर देखा गया है।
कि मानसून में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. कई शहरों से हर साल इस मौसम में डॉग बाइट केस ज्यादा रिपोर्ट होते हैं. जब कुत्ता डर, भूख और असहजता में होता है, तो वह आक्रामक हो जाता है और इस स्थिति में काटने की संभावना बढ़ जाती है. छोटे बच्चे, जो अक्सर बारिश में खेलने निकलते हैं, उन्हें कुत्ते ‘खतरे’ के रूप में देख सकते हैं।
और उन्हें अपना शिका
र बनाते हैं और इसी वजह से रेबीज़ का खतरा कम नहीं हो रहा.
मानसून में बढ़ जाता है कुत्तों का अटैक, ऐसे रहना बचकर नहीं तो जा सकती है जान
भारत में रैबीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है. हर साल हजारों लोग इसकी चपेट में आकर जान गंवा देते हैं. विशेषज्ञों की मानें तो भारत में हर साल लगभग 20,000 लोगों की मौत रैबीज़ से होती है,।
जो कि पूरी दुनिया में होने वाली रैबीज़ मौतों का लगभग एक-तिहाई है. ये आंकड़े चिंता पैदा करते हैं, क्योंकि रैबीज़ का टीका मौजूद है और संक्रमण को शुरुआत में ही रोका जा सकता है.।
रैबीज़ आमतौर पर संक्रमित कुत्तों के काटने से फैलता है. भारत में सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते पाए जाते हैं, जिनमें से कई का टीकाकरण नहीं हुआ होता. ये कुत्ते बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर हमला करते हैं, जिससे वायरस फैलने की संभावना बढ़ जाती है. खासकर छोटे शहरों और गांवों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.
बारिश में कुत्ते के काटने से कैसे बचें?
– अंधेरे में अकेले न निकलें.
– कुत्तों को न छेड़ें, न ही पत्थर या लाठी से डराएं.
– बच्चों को हमेशा बड़ों की निगरानी में बाहर खेलने दें.
– अगर कोई आवारा कुत्ता ज्यादा आक्रामक दिखे, तो तुरंत स्थानीय नगर निगम को सूचना दें.
