न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए तहसीलदार तमकुही राज ने 5 सदस्यीय एक टीम गठित किया था।

ग्राम प्रधान शशि भूषण उपाध्याय ने बताया कि ग्राम सभा के सार्वजनिक भूमि पर अवैध पक्का निर्माण कर विपक्षियों ने ग्राम सभा के लोगो का रास्ता अवरुद्ध कर दिया था।
विवादित भूमि ग्रामसभा की सार्वजनिक उपयोग की भूमि है और अभिलेख में रास्ता के नाम अंकित है।
इस भूमि पर ग्राम सभा के दो लोग अवैध पक्का निर्माण कर ग्राम सभा के संपत्ति को वर्षो से क्षति पहुंचा रहे थे।वर्षो की लड़ाई के बाद न्यायालय के आदेश पर यह कार्यवाही हुई है।
इस मौके पर संदीप कुशवाह,दिलशाद मलिक, शारदा कुशवाहा,वकील कुशवाहा, छोटन,खुशी यादव, शोभी यादव, विपिन पाल, मैनेजर प्रसाद,सुपेंद्र कुशवाहा और छबीला कुशवाहा उपस्थित रहे।
गुरुवार को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तमकुही राज तहसील से पांच सदस्यीय टीम और पुलिस फोर्स गड़हीया पाठक पहुंची थी।25 वर्षो से अधिक समय से धुरंधर पाल और ध्रुप पाल पुत्र सुमारी पाल ने ग्राम सभा के सड़क के जमीन पर अवैध पक्का निर्माण कर ग्राम सभा का रास्ता अवरुद्ध कर दिया था।
इसके विरुद्ध में वकील कुशवाहा ने उच्च न्यायालय में मकान को तोड़ने के लिए याचिका दायर किया था।तहसीलदार तमकुही राज ने धारा 67 की कार्यवाही के लिए नायब तहसील कुंदन वर्मा, हल्का कानूनगो अशोक वर्मा, लेखपाल मनोज कुमार,संजय कुमार,मनोज कुमार,अश्वनी राय,रणजीत कुमार सहित दर्जनों राजस्वकर्मी और पुलिस मौके पर पहुंच कर मकान को तोड़ कर कब्जे को हटवाने का कार्य किया।इस संबंध में नायब तहसील दार कुंदन वर्मा ने बताया कि न्यायालय के अनुपालन 5 सदस्यों की एक टीम गठित हुई थी।धारा 67 की कार्यवाही करते हुए अवैध कब्जे को हटवाया गया है।
