बड़े ही श्रध्दा से आंबेडकर जयंती मनाई गई

आंबेडकर जयंती मनाई गई। बी आर एम स्कूल 

अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA 
सलेमगढ़ कुशीनगर- सेवरही विकासखण्ड के सलेमगढ़ बाजार बसडीला बुजुर्ग सड़क के बगल में बी आर एम स्कूल के एसेंबली हाल में बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती धुम धाम से मनाई गई।

जानकारी हो की आज 14 अप्रैल को बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई जा रही है। उसी कड़ी में शिक्षा अनुशासन व सामाजिक कार्य को लेकर चर्चित स्कूल बी आर एम के एसेंबली हाल में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया था।

जिसका विषय समानता न्याय शिक्षा और अम्बेडकर के सपनों की दिशा रखा गया था। जिसके मुख्य अतिथि पुर्व ब्लाक प्रमुख भाजपा नेता डा विजय राय थे। सबसे पहले मुख्य अतिथि, विद्यालय के आजीवन सुझाव समिति के अध्यक्ष राम इकबाली राय और स्कूल के प्रबंधक राजन कुमार मिश्रा ने बाबा साहेब और मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया गया उसके बाद दिप जलाकर कार्यक्रम का औपचारिक रूप से प्रारम्भ किया गया। अपने संबोधन में डा विजय राय ने कहा की उस समय दलितों पर बहुत ही प्रताड़ित किया गया था।

उच्च जाति के लोग अपने से दूर रखा करते थे कुआं से पानी भरना मंदिर में प्रवेश पर भी पाबंदी थी। उनही दिनों 14 अप्रैल 1891को को चौदहवीं संतान के रूप में भीमाबाई की कोख से जिस शिशु का जन्म हुआ, उसे घर परिवार में भीम बाद में भीवा कह कर पुकारते थे। उस समय स्कूल में भी उनको बाहर खिड़की के पास बैठाया जाता था।

उन्होंने ने उसी समय से इस भेदभाव को खत्म करने का प्रण लिया, और जी जान से अपने पढ़ाई में लग गए धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाती गई और लंदन से अपनी कानूनी पढ़ाई पूरी करके भारत वापस आ गए और आजादी की लड़ाई में अपना योगदान देने के साथ ही सामाजिक कुरितियो के खिलाफ लड़ते रहे। जब आज़ादी मिली तो उनको संविधान निर्माण करने की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने ने बड़े ही सजगता से संविधान लिखा जो आज पुरे भारत वर्ष में लागू हैं हमारा संविधान पुरे विश्व में सबसे अलग और सहज होने के साथ ही बहुत कठोर है।

इन दिनों बाबासाहेब अपेक्षाकृत सर्वाधिक प्रासंगिक तो गए हैं सामाजिक अकादमिक न्यायिक क्षेत्रो से अधिक उनकी चर्चा राजनीतिक क्षेत्र में हो रही है। समाज में बहिष्कार उपेक्षा और अनुदार व्यवहार पाकर बड़े हुए अंबेडकर को एक समय सिवाय दलितों के कोई अपना नही कह रहा था।

ऐसी परिस्थितियों के साथ वह अपने दायित्वों का निर्वाह करते रहे। परंतु आज कौन सा राजनैतिक दल है जो उन्हें अपना कहने को तैयार नहीं है। भाजपा ने उनकी स्मृति में पंच तीर्थ विकसित किए हैं महू जन्म भूमि, नागपुर दीक्षाभूमि, मुंबई इंदु मिल, लंदन प्रवास गृह और दिल्ली में परीनिर्वाण स्थल बनवाया है। अंत में बच्चों ने अपने मन की सवाल अतिथि से पुछा की आप जो गांव गांव अटल संवाद जन जागरण यात्रा कर रहे हैं। उससे समाज में क्या संदेश देना चाहते हैं।

तो उन्होंने कहा की मैं जाती बंधन को तोड़ने में लगा हूं। कार्यक्रम का सफल संचालन दिलीप राय ने किया और राजन मिश्रा ने आए हुए सभी अतिथियों और बच्चों को अपना समय देने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्य रूप से शिवजी राय, अनुप राय, स्कूल के समस्त शिक्षक कर्मचारी और पत्रकार गण उपस्थित रहे।

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