मानव जन्म दुर्लभ है, मिले न बार-बारः संत रामपाल

 

सोनू मांझी जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ 9TV समाचार भारत UP बिहार MEDIA

चांपा नगर के देवांगन धर्मशाला में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज के एकदिवसीय आध्यात्मिक सत्संग का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रवचनों का लाभ उठाया।

सत्संग के दौरान, संत रामपाल महाराज ने कबीर साहेब की वाणी “मानुष जन्म दुर्लभ है, मिले न बारम्बार । तरुवर से पत्ता टूट गिरे, बहुर न लगता डार। ” के माध्यम से मानव जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया कि मनुष्य का जीवन बड़े ही पुण्य कर्मों से मिलता है और इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए।

उन्होंने सभी को एक पूर्ण गुरु से नाम दीक्षा लेकर शास्त्रानुसार भक्ति करने की सलाह दी, क्योंकि यही मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।

संत रामपाल महाराज ने बताया कि सच्चा मोक्ष केवल वही भक्ति विधि दे सकती है जो वेद, गीता और अन्य पवित्र धार्मिक ग्रंथों पर आधारित हो।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल आध्यात्मिक उत्थान ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार भी है।

इस आध्यात्मिक सत्संग में पंकज दास महंत, जगतदास, मुकेश पटेल, रामानंद पटेल, चंद्रमोहन दास, राजकुमार गबेल, शांतनु चंद्रा, उमाशंकर साहू, रूपचंद बघेल, देव मधुकर, संतोष दास, भरत यादव सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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