ये मातम है या किसी की डोली अर्थी कांधे पर रखकर डांस करने लगे लोग, खूब बजे ढोल, देखें वीडियो

संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA 

न सिर झुकाए लोग और न ही मन में मातम. यहां तो शहनाई बज रही है, ढोल नगाड़ों की ताल पर पैर थिरक रहे हैं और लोग कंधे पर अर्थी उठाए डांस कर रहे हैं. वीडियो देखने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे।
ये मातम है या किसी की डोली…अर्थी कांधे पर रखकर डांस करने लगे लोग, खूब बजे ढोल, देखें वीडियो
शहनाई पर निकली अंतिम यात्रा

कभी-कभी जिंदगी की सबसे गमगीन रस्में भी ऐसा मोड़ ले लेती हैं कि देखने वाला पल भर के लिए ठहर जाए, फिर मुस्कुरा दे. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने लोगों की सोच और संस्कृति पर सवाल भी उठाए और तालियां भी बटोरीं. वीडियो एक गांव का है, जहां कुछ लोग अंतिम यात्रा निकाल रहे हैं. पर ये कोई आम अंतिम यात्रा नहीं है. यहां न कोई आंसू हैं, न चेहरे पर उदासी, न सिर झुकाए लोग और न ही मन में मातम. यहां तो शहनाई बज रही है, ढोल नगाड़ों की ताल पर पैर थिरक रहे हैं और लोग कंधे पर अर्थी उठाए डांस कर रहे हैं. वीडियो देखने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे.

अर्थी कंधों पर उठाए ढोल नगाड़ों की आवाज पर नाचने लगे लोग
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग बिल्कुल ऐसे डांस कर रहे हैं जैसे किसी बारात में शामिल हो रहे हों. कैमरा पैन करता है तो दिखाई देता है कि अर्थी को चार लोग कंधे पर लिए हुए हैं और उनके आसपास के लोग ताल में ताल मिलाकर झूम रहे हैं. कुछ लोग झुके-झुके बाजू में ताली बजा रहे हैं तो कुछ हवा में हाथ उठाकर थिरक रहे हैं, मानो कोई डीजे नाइट चल रही हो. और इस सबके बीच वो अर्थी शान से आगे बढ़ रही है, जैसे कोई जीवन के जश्न की आखिरी सवारी हो. रिपोर्ट्स के मुताबिक ये दृश्य किसी बुजुर्ग की अंतिम यात्रा का है. कई सारे इलाकों में जब कोई बुजुर्ग 100 साल की उम्र लेकर मरता है तो इसी तरह से जश्न मनाया जाता है. इसलिए बिना किसी रोने-धोने के गांववालों ने इस रस्म को न सिर्फ निभाया, बल्कि पूरे जोश और जिंदादिली से अंतिम संस्कार भी किया.

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