सामाजिक समरसता यात्रा द्वारा पूर्वांचल के दलितों, पिछड़ों और किसानों की आवाज उठा रहे ओजस्वी मिश्र।

 

गन्ना, गंडक और किसान हित की उठाई आवाज़, बाबा साहेब, गांधी और विवेकानंद के बताए मार्ग पर दिया जोर

अखिलेश द्विवेदी 9TV समाचार UP बिहार MEDIA
तमकुहीराज, कुशीनगर।

कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र के बरियारपुर निवासी प्रखर युवा समाजसेवी ओजस्वी मिश्र ने सामाजिक समरसता यात्रा द्वारा पूर्वांचल के दलितों पिछड़ों और किसानों की आवाज बुलंद कर रहे हैं।

और अब तक व्यतिगतरूप से बीस हजार से अधिक किसानों से वार्ता करके उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाये तथा उसका समाधान भी किया एवं चीनी मिल केन महाप्रबंधक से मिल कर किसानों की प्रमुख समस्याएं जैसे कि नील गाय से फसल की होने वाली बर्बादी और ड्रेन की सफाई नहीं होने के चलते वाटर लॉग की समस्या से गन्नों का सुखना तथा छोटे किसानों को विलंब से पर्ची मिलना एवं गन्ना काटने का संसाधन फैक्ट्री कब से उपलब्ध कराएगा, और समय से भुगतान आदि समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए वार्ता कर निराकरण किया। इसी क्रम में कुशीनगर जिले के पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाने वाले दियरा क्षेत्रों में भ्रमण किया एवं नदी के कटान से पीड़ित परिवारों से भेंट किया। क्षेत्र के बीरवट, अहिरौलीदान, बाघाचौर आदि गांवों का भ्रमण किया एवं सर्वप्रथम गांव में स्थापित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के प्रतिमा को अपने हाथों से साफ़ किया और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान के शिल्पकार बाबा साहेब को कोटि कोटि धन्यवाद जिन्होंने ने अपने अधिकारों को लेना और जीने का ढंग सिखाया आज हमे उनके मार्ग पर चल ही भारत को विकसित राष्ट्र बना सकते हैं, साथ ही महात्मा गाँधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत को अपना कर भारत का चारित्रिक और आध्यात्मिक परिष्कार कर सकते हैं। जब तक भारत का एक भी बच्चा अशिक्षित गरीब,असहाय और भूखा तब मैं अपने रक्त के अंतिम बूंद तक उसके उत्थान के स्वयं को समर्पित कर दूंगा, स्वामी विवेकानंद कहते थे नर सेवा ही नारायण सेवा, वास्तव में दिन दुःखी दलित ही प्रत्यक्ष रूप से भगवान है।

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