संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA
शाहकुंड-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग पर सोमवार देर रात हाईटेंशन तार की चपेट में आने से सात कांवरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस कर घायल हो गए हैं।हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांवरियों का एक जत्था शाहकुंड से सुल्तानगंज की ओर जल भरने जा रहा था। देर रात जब जत्था मुख्य मार्ग से गुजर रहा था, तभी अचानक एक झूलता हुआ हाईटेंशन तार उनके संपर्क में आ गया। करंट की तेज़ चपेट में आने से सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य कई कांवरिए बुरी तरह घायल हो गए।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
प्रशासन की कार्रवाई और चुप्पी पर सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, बिजली विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई है।
हालांकि स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटक रही थी, जिसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर गहरा शोक जताया है और मृतकों के परिजनों को प्रत्येक ₹5 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है,
“यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। पीड़ित परिवारों के साथ मेरी गहरी संवेदना है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
कांवर यात्रा में सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
हर साल लाखों कांवरिए सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर प्रस्थान करते हैं। लेकिन इस प्रकार की दुर्घटनाएं अब सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही हैं।
क्यों हाईटेंशन तारों की स्थिति की पहले से समीक्षा नहीं की जाती?
क्यों ऐसी धार्मिक यात्राओं के दौरान प्रशासन विशेष सतर्कता नहीं बरतता?
जनता में आक्रो
श
घटना के बाद से ही स्थानीय लोग बिजली विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने प्रशासन से जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कुछ जगहों पर प्रदर्शन और सड़क जाम की भी खबरें हैं।
