तुम्हीं बताओ कितना टूटूं
अपनों से मैं कितना रूठूं—बेचू बी ए

प्रभात काव्य साहित्य की388 वीं काव्य गोष्ठी सम्पन्न

फिरोज अंसारी अश्क 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA

कप्तानगंज नगर की साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था प्रभात साहित्य की मासिक काव्य गोष्ठी संस्था के अध्यक्ष इंद्रजीत इंद्र के आवास पर वरिष्ठ कवि आनंद कृष्ण त्रिपाठी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई
संचालन किया *बेचू बी. ए* ने मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मदन गोविंद राव व हरे राम गुप्त रहे ।
सर्व प्रथम मां शारदे के चित्र पर अध्यक्ष व अतिथियों द्वारा पुष्पार्चन किया गया। तदो उपरांत मां शारदे की वंदना व नाते पाक से काव्य गोष्ठी का शुभारंभ हुआ ।
कवि बेनी गोपाल शर्मा ने कुछ यूं सुनाया –
“तू ऐसा बन जा की राणा का भाला बोल सके
तू ऐसा बन जा की तलवार शिवा की तौल सके ”
कन्हैया लाल करुण ने ये सुनाया-
“हम समझते रहे जिसको अपना सदा ,
बर्फ जैसे पिघलती रही जिन्दगी”
डॉ इम्तियाज समर ने खूब सुनाया-
“जो सच्चे थे वो सब झूठे हुए हैं
चमकते आइने टूटे हुए हैं ।”
विनोद गुप्ता ने वीर रस की कविता सुनाया-
“आ जायेंगे जब जिद पर तो लाहौर कराची ले लेंगे ”
नूरुद्दीन नूर ने ये सुनाया-
“जब परिंदे परों को खोलते हैं
रंग रंगे सरगम फिजा में घोलते हैं।”
वहीं अरशी बस्तवी ने सुनाया-
“दिलों में किना हसद और मुंह पर तारीफें
हम ऐसे लोगों से खुद को खिलाफ रखते हैं।”
मेजबान इन्द्रजीत गुप्त ( इंद्र ) ने ये सुनाया –
“उम्र चाहे बड़ी या कि छोटी मिले जग में किस्मत किसी को न खोटी मिले’
मशहूर शायर जावेद सरवर ने खूब सुनाया-
“जरा देखते रक्से बरके सितम हम
अगर आप खुल के कभी मुस्कराते।”
असलम निजामी ने ये सुनाया-
“मुझे सुनना बहुत अदब से
भजन हूं मैं अज़ान हूं मैं”
संचालन कर रहे *बेचू बी. ए* ने पीड़ा पर ये गीत सुनाया :
_”तुम्हीं बताओ कितना टूंटू अपनों से मैं कितना रूठूं_ ”
आखिर में अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष आनंद कृष्ण त्रिपाठी ने यह सुनाया-
“कवन कोरवा के हाई श्रृंगार मईया ”
इस मौके पर मुख्य अतिथि
मदन गोविंद राव ने कहा कि
जब जब देश संकट व कठिन परिस्थितियों से गुजरता है
तो वहां 56 इंच का सीना नहीं कविता का जय घोष होता है ।
और यही कविताएं देश व समाज को एक रास्ते पर लाने का प्रयास करता है।
उन्होंने कहा कि आज कवियों को देश के लिए कवियों की जरूरत है।
इस मौके पर दिनेश मल्ल, आराधिता गुप्ता, मुकेश कुमार गुप्त, राम दिनेश यादव, भानु प्रताप यादव, उमेश यादव, धीरज यादव, उमेश तिवारी, आनंद सिंह, शोभा गुप्ता, शौर्य जीत गुप्त आदि मौजूद रहे ।

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