गुरुजी की हैवानियत

मासूम बच्चों को मुर्गा बनाकर दी तालिबानी सजा

सस्पेंड हुए तो बोले- “मैं तो योगा करा रहा था।

संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां अनुशासन के नाम पर मासूम बच्चों को क्रूर सजा दी गई।

फलावदा थाना क्षेत्र के अमरोली गांव के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को मुर्गा बनाकर पीटने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने आरोपी इंचार्ज अध्यापक गोविंद सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

वायरल वीडियो ने खोली पोल सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कक्षा के बाहर कुछ मासूम बच्चों को ‘मुर्गा’ बनाकर बैठाया गया है, जबकि कुछ छात्राएं सजा के तौर पर हाथ ऊपर करके खड़ी हैं।

वीडियो सामने आते ही हड़कंप मच गया और सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) त्रिवेंद्र कुमार जांच के लिए स्कूल पहुंचे।

वजह जानकर उड़ जाएंगे होश करीब दो घंटे की जांच और बच्चों के बयान दर्ज करने के बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। मास्टर साहब ने बच्चों को सिर्फ इसलिए ‘मुर्गा’ बना दिया क्योंकि वे स्कूल की निर्धारित ड्रेस पहनकर नहीं आए थे। जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के नियमों के तहत किसी भी बच्चे को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना दंडनीय अपराध है।

बचाव में मास्टर साहब का ‘योग’ वाला पैंतरा कार्रवाई की आंच आते ही आरोपी शिक्षक गोविंद जाटव ने नया दांव चला है। उन्होंने पुलिस को दिए पत्र में दावा किया कि वे बच्चों को प्रताड़ित नहीं कर रहे थे, बल्कि ‘नई शिक्षा नीति’ के तहत उन्हें योग करा रहे थे। इतना ही नहीं, उन्होंने गांव के ही कुछ लोगों पर स्कूल में घुसकर मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।

प्रशासन सख्त: जांच अब भी जारी बीएसए आशा चौधरी ने साफ कहा है कि बच्चों को दी गई अमानवीय सजा ही विभाग की जांच का मुख्य बिंदु है। रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है और अब विभागीय जांच के जरिए शिक्षक के पूरे आचरण की पड़ताल की जाएगी।

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