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संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी
रा. बी. वि. प्रौ. सं., मऊ के वैज्ञानिक किसानों तक पहुंचाएंगे आधुनिक कृषि तकनीक
राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (रा. बी. वि. प्रौ. सं.) मऊ के नेतृत्व में विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 का शुभारंभ 29 मई से हो रहा है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत रा. बी. वि. प्रौ. सं. के वैज्ञानिक अगले 15 दिनों में 2 जनपदों के लगभग 15,000 किसानों तक पहुंचकर गुणवत्ता कृषि उत्पादन एवं आधुनिक तकनीकियों पर चर्चा करेंगे। निदेशक डॉ. संजय कुमार ने वैज्ञानिकों से इस अभियान में पूर्ण समर्पण के साथ लगने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसानों को न केवल जानकारी देने, बल्कि गुणवत्ता कृषि उत्पादन क्षेत्र में किसानों को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पोषणदाता के रूप में पहचान दिलाने और उनकी आय में वृद्धि लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही यह वैज्ञानिकों को भी कृषि के क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में अवसर प्रदान करेगा |
नोडल अधिकारी डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अभियान मऊ और बलिया के जिलों में 12 जून तक चलाया जाएगा। इस दौरान वैज्ञानिक न केवल किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देंगे, बल्कि उनकी खेती में आने वाली समस्याओं को समझकर व्यावहारिक समाधान भी प्रदान करेंगे।
मुख्य फोकस क्षेत्र
अभियान के दौरान वैज्ञानिक किसानों से निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा करेंगे:
खरीफ फसलों में अनुसंधान एवं विकास: जल्दी पकने वाली, रोग प्रतिरोधक और पोषणयुक्त किस्मों की जानकारी देते हुए किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत किस्में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियाँ: बदलते मौसम के अनुकूल खेती के लिए सहनशील फसल किस्मों का चयन, जल-संरक्षण तकनीक और मिश्रित खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। बदलते मौसम का खेती पर प्रभाव – जैसे असमय बारिश, तापमान वृद्धि, लंबे सूखे आदि को सरल भाषा में समझाना है ।
गुणवत्तायुक्त बीज: वैज्ञानिक प्रमाणित बीजों के महत्व पर जोर देते हुए स्थानीय बीजों के संरक्षण और सरकारी स्रोतों से बीज प्राप्ति के लाभों के बारे में बताया जाएगा।
कृषि रसायनों का विवेकपूर्ण उपयोग: अत्यधिक रसायन उपयोग से मिट्टी, जल और स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान की जानकारी देना है । समेकित कीट प्रबंधन (IPM), जैविक विधियों, फेरोमोन ट्रैप्स और नीम आधारित कीटनाशकों को अपनाने की सलाह देना है ।
उर्वरकों का संतुलित प्रयोग – मृदा परीक्षण के आधार पर पोषण पूर्ति कैसे करें, यह बताया जायेगा ।
कटाई के बाद प्रबंधन पर विशेष जोर
अभियान में यह बताया जाएगा कि कटाई के बाद फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए | किसानों को बताया जाएगा कि खरीफ फसलों को उचित नमी के दौरान ही काटा जाना चाहिए तथा मानक मापदंडो के तहत भण्डारण किया जाना चाहिए जिसके लिए कीट प्रकोप से बचने के लिए समेकित कीट प्रबंधन को अपनाने की सलाह दी जाएगी।
आर्थिक सशक्तिकरण और मार्केट लिंकेज
किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से सामूहिक विपणन, मूल्य संवर्धन और ऑपरेशन ग्रीन्स जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की जानकारी दी जाएगी।
संस्थान की तैयारी
रा. बी. वि. प्रौ. सं. में इस अभियान की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बताया गया कि इस अभियान के माध्यम से जुटाए गए डाटा और किसानों की प्रतिक्रिया का व्यापक पैमाने पर विश्ले
षण किया जाएगा और किसानों के खेतों में आने वाली समस्याओं को समझकर उन पर आधारित शोध को बढ़ावा दिया जायेगा.
