चौकी प्रभारी बहादुरपुर अनुराग शर्मा ने दल बल के साथ मोर्चा संभाले
संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA
सलेमगढ /कुशीनगर। तरयासुजान थाना क्षेत्र के बहादुरपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में मोहर्रम का त्यौहार हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया गया।
मोहर्रम मोहर्रम का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से सभी वर्ग के लोग ताजिया देखने पहुंचे और मेले का आनंद लिए छोटी-छोटी ताजिया बनी थी लेकिन एक अलग देखने को मिली इस मुहर्रम के त्यौहार की सबसे खास बात यह रही कि हिंदू मुस्लिम एकता देखने को मिली सभी लोग ताजियादारी में शामिल नजर आए।
अखाड़ा के द्वारा हिंदू मुस्लिम भाईचारे का मिसाल देखने को मिला। दोनों समुदाय के लोगों ने मोहर्रम के अवसर पर विशाल जुलूस निकाला। ताजिया
इसे गम का महीना मानते हैं। दरअसल, इस माह की 10वीं तारीख को यौम-ए-आशूरा के नाम से जाना जाता है। ये तारीख कोई साधारण नहीं हैं।
त्यौहार के दौरान, क्षेत्र के विभिन्न गांवों और नगरों में ताजिया जुलूस निकाले गए, जो ताजिया मिलान के बाद करबला में दफन हो गए। रविवार को तरयासुजान थाना क्षेत्र के दोमाण कोठी, दनियाणी सिसवा तरयासुजान, तिफेडिया बजार, हफुआ चतुर्भुज, सलेमगढ, बहादुरपुर, आदि पूरे थाना क्षेत्र में आपसी भाईचारा के बीच मोहर्रम शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया। सभी
जुलूस के दौरान पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था थी। इस दौरान,, प्रभारी निरीक्षक तरयासुजान धनबीर सिंह सहित पी ए सी के जवान भी मौजूद थे।
आदि गांवों का ताजिया जुलूस गाजे बाजे के साथ शांति पूर्ण तरीके से संबंधित करबला में दफन हो गया।
बताते चलें कि मुहर्रम का महत्व, इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार मुहर्रम को नव वर्ष के रूप में मनाते हैं।
