मैं बुरा था मगर मुझे छू कर
कितना अच्छा बना दिया तुमने –असलम निजामी
संवाददाता कुशीनगर
फिरोज अंसारी अश्क 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA 
मशहूर शायर लियाकत अली जौहर के निजी आवास ग्राम औरहीं में एक शानदार नेशिस्त ,(काव्य गोष्ठी) का आयोजन संपन्न हुआ जिसमें बिहार, गोरखपुर, जौनपुर से शायरों ,कवियों ने शिरकत किया जब शायरों कवियों ने अपना कलाम पढ़ना शुरू किया तो श्रोता गण तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।
नेशिस्त (काव्य गोष्ठी) का आगाज शायर अल्तमश मुस्तफा ने नाते पाक -नबी की नात जो सुन ले हकीकत से मोहब्बत से, मेरा दावा है उस दिल का तहखाना महक जाए, से किया इसके बाद शेरो, शायरी गजल, गीत का दौर शुरू हुआ जिसमें शायर अब्दुल हमीद आरजू- पहले वह अल्फाज अपने तोलता है, एक दानिश मंद तब फिर बोलता है, सुनाया तो महफिल तालियों से गूंज उठी वहीं शायर अर्शी बस्तवी ने –इस तरक्की के दौर में अर्शी -तुम मोहब्बत की बात करते हो ,सुनाया तो वाह-वाह की सदा बुलंद होने लगी उर्दू में अच्छी पकड़ रखने वाले छोटी बहर में असलम निजामी -मैं बुरा था मगर मुझे छूकर, कितना अच्छा बना दिया तुमने , ने सुनाया तो तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठा मशहूर शायर मुबारक जौनपुरी -सूरज की शवाओं ने आजाद किया उसको- दरिया जो मोकैय्यद था बर्फीली चट्टानों में, सुनाया। शायर मुस्ताक अहमद सिवानी- धमाकों ने हमारे शहर को लरजा दिया इतना- महाफ़िज भी अकेला अब कदम बाहर नहीं रखता, सुनाया नौजवान शायर फरीद कमर -अंधेरी शब के आज़ार उतरे तो, ऐसे हालात में भी हमने, लहू से अपने जमीन सींची और उसमें कुछ अल्फाज बोए सुना कर मंच को ऊंचाई दी वरिष्ठ शायर डॉक्टर जैद कैमूरी- टकराई है जाकर यह कहां मेरी नजर आज, फूलों से महक उठा ये जख्म-ए जिगर आज सुना कर पूरा मजमा लूट लिया मेजबान शायर लियाकत अली जौहर- सहने गुलशन में मातम का माहौल है, एक तितली यहां फिर फना हो गई सुनाया कवि सच्चिदानन्द पांडे- जैसी तेरी इंशा अल्लाह है, वैसे मेरी राम कहानी है सुनाया वही मुख्य अतिथि जिनकी किताब बिहार एकेडमी में सिलेक्ट हुई है जाने-माने मशहूर शायर शमी बहु आरवी – सच बोलने का मुजरिम हूं -कर दिया जाए संग सार मुझे सुनाया तो सभी शायर कवि श्रोता दाद देने को मजबूर हो गए।
इसमें नेशिस्त (काव्य गोष्ठी)के अध्यक्ष जैद कैमूरी, मुख्य अतिथि समी बहु आरवी विशिष्ट अतिथि मुस्ताक अहमद सिवानी रहे और नेज़ामत (संचालन) असलम निजामी पडरौना ने किया आखिर में शायर लियाकत अली जौहर ने सबका आभार व्यक्त किया।
