कुशीनगर संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA
देवरिया। भारतीय संस्कृति व सनातन धर्म का प्रमुख पर्व गोवर्धन पूजा है।
इस पर्व को मनाने के लिए जो पौराणिक कथा है उसके अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों व उनके जानवरों की रक्षा के लिए कार्तिक शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा तिथि के दिन अपने सबसे छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर उनकी रक्षा की। उक्त बातें बताते हुए आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि इस बार यह पर्व 22 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
आचार्य ने बताया कि हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की प्रतिपदा तिथि की शुरूआत 21 अक्तूबर को शाम 5 बजकर 54 मिनट पर होगी और 22 अक्तूबर को रात 8 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि 22 अक्तूबर को होने के कारण इस पर्व को इसी दिन मनाना शास्त्र सम्मत होगा।
जबसे भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की तभी से हर साल इस तिथि को गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। इसके लिए अन्नकूट का भोग तैयार कर भगवान श्रीकृष्ण व गोवर्धन पर्वत को लगाया जाता है।
सनातन धर्म में गोवर्धन पूजा के बाद सभी मांगलिक कार्य व शादी विवाह का शुभ कार्य शुरू हो जाता है। मान्यता है कि यह व्रत करने से कुंवारी कन्याओं का विवाह भी शीघ्र हो जाता है। इसके साथ ही यम द्वितीया (भाई दूज) का पर्व व चित्रगुप्त पूजन का कार्य भी अगले दिन होता है।
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