कुशीनगर के लाल को मुख्यमंत्री के जिले की कमान मनीष कुमार बने चंपावत के जिलाधिकारी

संपादक अखिलेश कुमार द्विवेदी 9 टीवी समाचार भारत UP बिहार MEDIA 

2018 बैच के आईएएस को पहली बार मिली डीएम पद की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गृह जिले की सौंपी कमान

कुशीनगर जिले के तरया सुजान गांव के निवासी और 2018 बैच के आईएएस अधिकारी मनीष कुमार को उत्तराखंड के चंपावत जिले का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

यह नियुक्ति इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह मनीष कुमार की बतौर डीएम पहली पोस्टिंग है और उन्हें सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जनपद की बागडोर सौंपी गई है।

इस गौरवशाली उपलब्धि पर पूरे कुशीनगर जिले में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ गई है।

मनीष कुमार ने 29 वर्ष की उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2018 में शानदार सफलता प्राप्त की थी। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 84 हासिल की जिसमें लिखित परीक्षा में 863 और इंटरव्यू में 201 अंक अर्जित कर कुल 1064 अंकों के साथ अपना स्थान सुनिश्चित किया।

उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें प्रशासनिक सेवा में विशेष पहचान दिलाई।

आईएएस बनने के बाद मनीष कुमार उत्तराखंड कैडर में सेवा दे रहे हैं। अब तक वे ऊधम सिंह नगर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के पद पर कार्यरत थे।

प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें प्रमोशन देकर चंपावत का डीएम बनाया गया है।

परिवार और जिले में खुशी की लहर

मनीष कुमार की इस ऐतिहासिक नियुक्ति पर उनके परिजनों और जिलेवासियों में खुशी का माहौल है। उनके पिता सिकंदर राय, मां आशा देवी , ससुर पूर्व कुलपति निशीथ राय, पत्नी सची राय, भाई मनोज राय व सनोज राय, पूर्व विधायक डॉ. पी.के. राय, भोला राय सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, समाजसेवियों और युवाओं ने उन्हें ढेरों बधाइयाँ और शुभकामनाएं दीं।

लोगों का कहना है कि मनीष कुमार जैसे होनहार और समर्पित युवा प्रशासनिक अधिकारी आज की पीढ़ी के लिए एक आदर्श हैं। उनकी सफलता से न केवल कुशीनगर जिले का नाम रोशन हुआ है, बल्कि यह साबित हुआ है कि छोटे कस्बों और गांवों से भी बड़ी ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।

नई जिम्मेदारी, नई चुनौतियाँ

बतौर जिलाधिकारी, मनीष कुमार के सामने कई बड़ी जिम्मेदारियाँ होंगी—पंचायती चुनाव का सफल संचालन, मानसून में संभावित आपदाओं से निपटना और जिले के विकास कार्यों को नई गति देना। मुख्यमंत्री के गृह जनपद का डीएम होना न केवल सम्मान की बात है, बल्कि यह एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी भी है, जिसे निभाना किसी चुनौती से कम नहीं।

युवाओं के लिए प्रेरणा

मनीष कुमार की सफलता कहानी उन हज़ारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में रहकर भी बड़े सपने देखते हैं। तरया सुजान जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर आईएएस बनना और फिर एक महत्वपूर्ण जिले का डीएम बनना एक ऐसा मुकाम है जो वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और ईमानदारी का परिणाम है।

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